डॉ. मीनाक्षी शर्मा (शिक्षा एवं समाज कल्याण विशेषज्ञ)
राजस्थान और भारत की प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाएं: वास्तविक नकद लाभ एवं फीस पुनर्भरण
शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है, किंतु अनेक मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थी उच्च शिक्षा की भारी फीस व मासिक खर्चों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को विवश हो जाते हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार (National Scholarship Portal - NSP) तथा राजस्थान सरकार (जन आधार एवं SJMS पोर्टल) द्वारा कई ऐसी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें सीधे विद्यार्थी के बैंक खाते में वार्षिक ₹10,000 से लेकर ₹1,50,000+ तक की नकद राशि अथवा कॉलेज की 100% नॉन-रिफंडेबल ट्यूशन फीस का पुनर्भरण किया जाता है।
छात्रवृत्तियों को मुख्य रूप से दो प्रमुख प्रशासनिक पोर्टल्स के माध्यम से वितरित किया जाता है:
1. राजस्थान स्टेट छात्रवृत्ति पोर्टल (SSO / SJMS / जन आधार)
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SJE) तथा कॉलेज शिक्षा निदेशालय राजस्थान द्वारा संचालित। जन आधार कार्ड के माध्यम से जाति, मूल निवास, आय और बैंक खाता स्वतः सत्यापित होता है। इसमें उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा और देवनारायण जैसी योजनाएं शामिल हैं।
2. राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP - scholarships.gov.in)
केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों (शिक्षा, सामाजिक न्याय, जनजातीय कार्य, अल्पसंख्यक कल्याण) द्वारा वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) और आधार सीडेड बैंक खातों के माध्यम से देश भर के विद्यार्थियों को डायरेक्ट DBT भुगतान किया जाता है।
विद्यार्थी का बैंक खाता उसके आधार नंबर से NPCI / DBT Seeding से जुड़ा होना अनिवार्य है। केवल खाता नंबर में आधार लिंक होना पर्याप्त नहीं है; बैंक में जाकर "DBT Enable / Aadhaar Mapping" फॉर्म भरना आवश्यक होता है ताकि सरकारी राशि बिना रुके सीधे खाते में जमा हो सके।