बोनस आदेश जनरेटर 2026-27

तदर्थ बोनस (Ad-hoc Bonus) जनरेटर 2026-27

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BAJRANG BUGALIYA(Author)

Founder, Rajsarthi.in

यह टूल कर्मचारियों और कार्यालय प्रमुखों के समय की बचत और सुविधा के लिए विकसित किया गया है। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी ऐसी ही उपयोगी जानकारी के लिए राजसारथी से जुड़े रहें।

राज्य सरकार द्वारा दीपावली के अवसर पर कर्मचारियों के लिए तदर्थ बोनस की घोषणा की जाती है। यह टूल सरकारी आदेशों के अनुसार आपके कार्यालय के कर्मचारियों के बोनस की सटीक और आसान गणना करने के लिए तैयार किया गया है, ताकि आप बिना किसी त्रुटि के एक क्लिक में आदेश जनरेट कर सकें।

बोनस की मुख्य शर्तें

  • 31 मार्च को सेवा में कार्यरत होना अनिवार्य।
  • न्यूनतम 6 माह की निरंतर सेवा आवश्यक।
  • पे-लेवल L-12 (ग्रेड पे 4800) तक के कर्मचारी पात्र।
  • प्रोबेशनर ट्रेनी पात्र नहीं।

गणना का आधार

  • अधिकतम वेतन गणना: ₹7,000 प्रति माह
  • अधिकतम बोनस राशि (12 माह): ₹6,774
  • 75% हिस्सा: नकद (Cash) भुगतान
  • 25% हिस्सा: GPF खाते में जमा

कर्मचारी विवरण दर्ज करें

तदर्थ बोनस (सत्र 2025-26) के नियम एवं शर्तें

✅ बोनस किसे मिलेगा? (पात्रता)

  • कर्मचारी 01.04.2025 से 31.03.2026 के बीच सेवा में कार्यरत होना चाहिए।
  • प्रोबेशन अवधि पूर्ण होने के बाद कम से कम 6 महीने की निरंतर सेवा होना अनिवार्य है।
  • कर्मचारी का पे-लेवल L-12 और ग्रेड पे L-14 (संभवतः 4800) से कम होना चाहिए।
  • बोनस का लाभ लेने के लिए 31.03.2026 तक सेवा में बने रहना अनिवार्य है।

❌ बोनस किसे नहीं मिलेगा? (अपात्रता)

  • प्रोबेशनर ट्रेनी (Probationer Trainee) को यह बोनस देय नहीं है।
  • संविदा (Contract), कैजुअल, पार्ट-टाइम और दिहाड़ी (Daily Wages) पर कार्यरत कर्मचारियों को यह बोनस नहीं मिलेगा।
  • यदि कोई कर्मचारी 31.03.2026 से पहले रिटायर, सस्पेंड (निलंबित) या मृत्यु को प्राप्त हो चुका है, तो वह इस बोनस का पात्र नहीं होगा।

बोनस की गणना और भुगतान का तरीका

  • अधिकतम बोनस राशि: ₹7,000 (31 दिनों के आधार पर)। चूँकि अधिकतम 30 दिनों का बोनस देय है, अतः गणना इस प्रकार होगी:
    ₹7,000 ÷ 31 × 30 = ₹6,774
  • भुगतान का विवरण: कुल बोनस का 75% हिस्सा नकद (Cash) मिलेगा और शेष 25% हिस्सा GPF अकाउंट में जमा किया जाएगा।

12 माह से कम सेवा होने पर बोनस गणना (Pro-rata Basis)

यदि किसी कर्मचारी का फिक्सेशन (स्थायीकरण) हुए 12 महीने पूरे नहीं हुए हैं (जैसे 6, 7 या 8 महीने हुए हैं), तो उन्हें अनुपातिक (Pro-rata) आधार पर बोनस मिलेगा।

उदाहरण (Example):

12 महीने का अधिकतम बोनस ₹6,774 है। अतः 1 महीने का बोनस निकालने के लिए इसमें 12 का भाग दिया जाएगा।

  • 6 महीने का बोनस: (₹6,774 ÷ 12) × 6
  • 7 महीने का बोनस: (₹6,774 ÷ 12) × 7

नोट 1 (महीनों का राउंड-ऑफ़):

यदि प्रोबेशन के बाद सेवा अवधि 7 माह 15 दिन (या अधिक) हो रही है, तो उसे राउंड-ऑफ़ करके 8 माह माना जाएगा। लेकिन यदि अवधि 7 माह 10 दिन है, तो उसे 7 माह ही माना जाएगा।
ध्यान दें: यदि कुल सेवा 6 माह से कम है, तो कोई राउंड-ऑफ़ नहीं होगा और बोनस नहीं बनेगा।

नोट 2 (EOL/Extra Ordinary Leave का प्रभाव):

प्रोबेशन के बाद यदि कर्मचारी ने एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी लीव (EOL - बिना वेतन का अवकाश) ली है, तो उस छुट्टी की अवधि को कुल सेवा अवधि में से घटा दिया जाएगा।

उदाहरण: यदि आपके सेवा माह 7 हैं और आपने 1.5 माह (डेढ़ महीना) की EOL ली है, तो:
7 माह - 1.5 माह = 5 माह 15 दिन।
चूंकि अब यह अवधि 6 माह से कम हो गई है, इसलिए आप बोनस के लिए अपात्र हो जाएंगे।
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